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देश को तोड़ना कभी देशभक्ति हो सकती है ?

20 मार्च को मेरठ सिटी स्टेशन से पहले कोच्चि दून एक्सप्रेस में यात्रियों के 2 गुटों में झगड़ा हो गया था, एक गुट के लोगों ने फोन करके अपने साथियों को बुला लिया और मेरठ सिटी स्टेशन से ट्रेन में चढ़कर दूसरे गुट पर चाकुओं से प्रहार कर दिया इस झगड़े में नासिर नामक व्यक्ति की मौत हो गयी । कई लोग घायल हो गए संयोग से ये सभी मुस्लिम है और जिन्होंने हमला किया था वह 9 आरोपी पकड़े गए वे इत्तेफाक से सभी हिन्दू हैं लेकिन ......

डॉ पंकज नारंग केस की तरह किसी मुस्लिम ग्रुप ने ये दावा नहीं किया कि ये हिन्दुओं का मुस्लिमों पर हमला था, लेकिन डॉ० नारंग केस में कुछ बुद्धि भ्रष्ट लोगो ने खूब फेसबुक और व्हाट्सएप्प पर डॉ. नारंग केस को हिन्दू मुस्लिम हवा देने की कोशिश की, खूब लंबी चौड़ी पोस्ट की,एक पोस्ट पर मैंने समझाने के उद्देश्य से कमेंट कर दिया कि भाइयों ऐसी बात मत फैलाओ तो मुझे गलियां मिली खूब, पता नहीं कितनी उल्टी सीधी बातें कही गई ,

जिस तरह मेरठ में ये मुसाफिरों के 2 गुटों का ही झगड़ा था, उसी तरह डॉ० नारंग के केस में भी दो गुटों का झगड़ा था जो मुज़रिम है गुनहगार है उन्हें सख्त सज़ा मिलनी चाहिए । इसमें हिन्दू मुस्लिम का क्या मतलब । यह कौन सी देश भक्ति है देश को तोडना कभी देश भक्ति नहीं हो सकती, गुनहगार सिर्फ गुनहगार होता है उसे उसके गुनाह के लिए कानून द्वारा सज़ा मिलनी चाहिए चाहे वो किसी धर्म का हो, हमे धर्म के आधार पर नहीं गलत और सही के आधार पर विरोध करना चाहिए, सिर्फ गलत का विरोध ।।

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